MP3 of Rajiv Dixit Lectures

Below is a list of mp3 compilation of the lectures given by Rajiv Dixit as a part of the Bharat Swabhiman Andolan.

Bharathiya Aajaadi ka Itihaas

http://rapidshare.com/files/119017778/01—-Bharathiya_aajaadi_ka_ithihaas_1_of_3.mp3

http://rapidshare.com/files/119014488/02—-Bharathiya_aajaadi_ka_ithihaas_2_of_3.mp3

http://rapidshare.com/files/119018870/03—-Bharathiya_aajaadi_ka_ithihaas_3_of_3.mp3

Udharikaran aur Vaishvikaran

http://rapidshare.com/files/119021568/05—-Udharikaran_aur_Vaishvikaran_1_of_2.mp3

http://rapidshare.com/files/119021569/06—-Udharikaran_aur_Vaishvikaran_2_of_2.mp3

Vidheshi Vigyapano ka Jhoot

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Macaulay Shiksha Paddhati

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Elizabeth ki Bharat Yaatra

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Vigyapano ka Baal man par Prabhav

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Gow Raksha Aur Uska Mahatv

http://rapidshare.com/files/119507729/15—-Goraksha_Aur_Uska_Mahatv_1_of_1_.mp3

Pokhran Parikshan aur arthik dighbandhan

http://rapidshare.com/files/119525451/16—-Pokhran_Parikshan_aur_arthik_dighbandhan_1_of_1.mp3

Arthvyavastha Me Mandi Ke Kaaran Aur Nivaran

http://rapidshare.com/files/119516563/11—-Arthvyavastha_Me_Mandi_Ke_Kaaran_Aur_Nivaran_1_of_2.mp3

http://rapidshare.com/files/119516564/12—-Arthvyavastha_Me_Mandi_Ke_Kaaran_Aur_Nivaran_2_of_2.mp3

Patent Kaanoon Aur Davaaon Par Hamla

http://rapidshare.com/files/119525449/13—-Patent_Kaanoon_Aur_Davaaon_Par_Hamla_1_of_2.mp3

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CTBT Aur Bharathiya Asmitha

http://rapidshare.com/files/119708684/17—-CTBT_Aur_Bharathiya_Asmitha_1_of_2.mp3

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Arthvyavastha Ko Sudhaarneke Upaay

http://rapidshare.com/files/119711907/19—-Arthvyavastha_Ko_Sudhaarneke_Upaay_1_of_2.mp3

http://rapidshare.com/files/119711908/20—-Arthvyavastha_Ko_Sudhaarneke_Upaay_2_of_2.mp3

Khethi Aur Kisano Ki Ghulami

http://rapidshare.com/files/120203981/21—-Khethi_Aur_Kisano_Ki_Ghulami_1_of_3.mp3

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Mahatma Gandhi ko shradhanjali

http://rapidshare.com/files/120214395/31—-Mahatma_gandhi_ko_shradhanjali_1_of_1.mp3

Prathiba palaayan–Pune Engg College Speech

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http://rapidshare.com/files/120220395/25—-Prathiba_palaayan_–_Pune_Engg_College_speech_2_of_2.mp3

Swadeshi Andholan Me Ganesh Utsav Ka Mahatva

http://rapidshare.com/files/120225337/26—-Svadeshi_Andholan_Me_Ganesh_Utsav_Ka_Mahatva_1_of_2.mp3

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Bharat par videshi akraman Kargil yudh

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Aatankvad aur uska nivaran WTC attack

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Swiss bankon mein bharat ki loot

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176 Comments

  1. mannooo says:

    dear administrator.
    most of the links are expired.
    kindly re upload them.
    thanks.

  2. vinod swami says:

    बाबा जी आपके चरणों में सादर परणाम | बाबा जी हम आपके विचारो से सहमत हे आपके हर आदेस का पालन करेगे |

    विनोद कुमार स्वामी एल्लेनाबाद हरियाणा

  3. BHATT ANKIT says:


    राजीव दिक्सितजी आपको सलाम आप हर एक भारतीय के दिल में हमेंसा रहेंगे.
    आप सही देश भक्त हो ..

  4. Shivam says:

    As Respect to Rajiv Dixit Ji – You are great – forever

  5. paras bhanot says:

    some links are dead please reupload

  6. krishna kumar tiwari says:

    इस देस का तो सरकार को नाम भी पता नहीं है
    आर टी आइ द्वारा मिली जानकारी एक दिन टीवी चैनल चला फिर चुप ?
    अब क्या ?
    अच्छा मूर्ख बनाया अंग्रजों ने कही का नहीं छोड़ा.
    इंडिया या भारत या हिंदुस्तान
    किस देस की सरकार ?
    किस देस के कौन नेता ?
    किस देस के कैसे नागरिक ?
    कोन लूट रहा हे ?
    कोन लुट रहा ?
    कोन लुटवा रहा है ?
    सब गोल गपाड़ा है
    अब सब फेक दो पिछला कबाड़ा, बात भी मत करो समय बर्बाद होता है .
    पूरी दाल ही काली है सुधरेगी नहीं
    साफ कर दो पूरी स्लेट और लिखो नई इबारत
    साफ सुथरी और पूरी
    राजीव ने गढ़ी और बाबा की जुबानी से पूरे भारतबर्ष ने पकड़ी
    व्येवस्था परिवर्तन की क्रांति २०१४
    सारे हरामखोरों को चुनाब में ह्ऱा दो
    नई कहानी लिख दो .

  7. कोरवो की सभा में जन लोकपाल बिल का चीर हरण हो गया है कृपया बाबा राम देव जी कृष्ण जी की भूमिका में आकर लाज बचाए |

    जय भारत माँ
    भ्रष्टाचार के खिलाफ जन लोकपाल बिल के साथ शुरू हुई मुहिम अब सरकार द्वारा प्रायोजित ‘शकुनि डिपार्टमेंट’ की कपटी चालों की शिकार बनती नजर आ रही है। अलग-अलग किस्म की पार्टियों के नेता, कभी जन लोकपाल ड्राफ्ट का समर्थन नहीं करेंगे क्योंकि इसका सबसे ज्यादा प्रभाव उन्हीं पर पड़ना था । लेकिन इस मुहिम का नेतृत्व कर रहे लोगों पर हर तरफ से हो रहे हमले अशोभनीय है |
    जिस शर्मनाक तरीके से सत्तारूढ़ दल ने जॉइंट कमिटी में शामिल सिविल सोसायटी के सदस्यों को बदनाम करने की कोशिश की है, उससे सभी देश प्रेमियों को करारा झटका लगा है| हमे इस बात पर आश्चर्य हुआ था कि सरकार ने अन्ना हजारे की संयुक्त समिति बनाने की मांग इतनी आसानी से मान ली| सरकार की यह चाल सभी बुद्धिजीवीयो के मस्तिक को हिला रही थी|
    सरकार के पास इस मुहिम को शुरुआत में ही दबा देने के कई कारण हैं। लगातार मीडिया का फोकस बने रहने के कारण अन्ना भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के ऐसे प्रतीक बनते जा रहे थे जिन्हें टीवी देखने वाला वर्ग हाथों-हाथ ले रहा था। सरकार के लिए उनके खरे-खरे बयान और स्पष्ट बातों को संभालना मुश्किल हो रहा था। सत्ता पक्ष के धूर्त वकीलों-नेताओं ने तभी सोच लिया होगा कि इस चिंगारी को आग में बदलने से कैसे रोकना है
    अन्ना के अनशन के दौरान मीडिया में सुलह करने और हल निकालने के बयानों की तर्ज पर सभ्य लोगों की तरह मसले पर चर्चा करने के बजाय, वे हर दिशा से कमिटी के कुछ सदस्यों का चीर हरण करने में जुट गए। जैसे कि कुछ दिनों पहले अन्ना ने सोनिया गांधी को अपनी चिट्ठी में लिखा था कि इन आधारहीन और मनगढ़ंत आरापों के पीछे सत्ता पक्ष के कुछ वरिष्ठ नेताओं का हाथ है और ऐसा मालूम होता है कि यह काम करने के लिए उन्हें पार्टी का समर्थन मिला हुआ है। एक दब्बू मीडिया हाउस को गलत खबरें लीक करने से लेकर हर वह कपटी चाल अपनाई गई जो कई कॉर्पोरेट हाउस अपनाते हैं। ‘शकुनि डिपार्टमेंट’ ने तो भारतीय राजनीति की ‘सारी अच्छाइयों’ के मालिक अमर सिंह को भी इस काम में लगा दिया
    विस्तार में जाए बगैर, यह बात ध्यान देने वाली है कि शांति भूषण टेप में भी अमर सिंह अवतरित होते हैं और उस जज का जिक्र आता है जो 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच की सुनवाई कर रहे हैं। सत्ता पक्ष जो अनगिनत घोटालों के चलते बैकफुट पर है, उसके लिए यह एक तीर से दो शिकार वाली बात है। एक तो इस घोटाले की वजह से उनकी हालत खराब है और दूसरा, अमर सिंह के बेहद करीबी कॉर्पोरेट भी इसमें शामिल हैं।
    ‘कपटी-भ्रष्ट चाल विभाग’ ने एक ही वार में सिविल सोसायटी के लोगों को अविश्वसनीय साबित करने की कोशिश की ताकि आम जनता निराश होकर अपने हाथ खड़े कर दे और यह कहे – ये सब एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं। इसके साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रतीक बन चुके चेहरों के खिलाफ अमर सिंह को खड़ा कर दिया, जिनका खुद का राजनीतिक भविष्य अधर में है और वह किसी राजनीतिक खेमे के साथ नहीं हैं। सबसे बड़ी बात यह कि इसने असल मुद्दे से लोगों का ध्यान भटका कर आरोप-प्रत्यारोप के दौर में उलझा दिया है। और यकीन मानिए, यदि शांति भूषण और प्रशांत भूषण को कमिटी से हटाया जाता है तो उनकी जगह लेने वालों के खिलाफ भी इसी तरह से बदनाम करने का अभियान छेड़ा जाएगा।
    सोनिया को लिखी चिट्ठी में अन्ना ने अपनी शैली में यह कहा है कि इस तरह का चरित्र हनन भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के लिए अच्छ नहीं है और जो नेता व राजनीतिक लोग इसमें लिप्त हैं, इसमें उनके नंगे होने का डर कहीं ज्यादा है। तमाम बु्द्धिजीवी टाइप लोग कह रहे हैं कि अन्ना हमेशा रोने वाले बच्चे की तरह शिकायती लहजा अपना रहे हैं। यह अलग बात है कि यह चेतावनी देते वक्त अन्ना यह भूल गए कि उनका पाला मोटी चमड़ी वाले भ्रष्ट नेताओं से पड़ा है | आने वाले दिनों में आरोप- प्रत्यारोप गंभीर और तीखे होने वाले हैं। हम देख रहे है कि यह दुष्प्रचार अभियान किस तरह से उन लोगों पर बुरा असर डाल रहा है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून बनाना चाहते हैं। पिछले एक हफ्ते में ड्राफ्ट पर काम करने की बजाय उन्होंने इन मनगढ़ंत आरोपों का जवाब देने में ज्यादा समय खर्च किया है। सरकार का शकुनि डिपार्टमेंट यही तो चाहता है- उन्हें इतना थका दिया जाए कि वे समझौता करने को मजबूर हो जाएं और जनता में भी इस मुद्दे पर शोर कम हो जाए। अब जिम्मेदारी हम लोगों पर है कि हम अपना ध्यान न बंटने दें। इस मुद्दे पर हमारी मांग थमनी नहीं चाहिए और न ही हमारा समर्थन कम होना चाहिए ताकि भ्रष्ट खुद ही थक-हार जाएं।
    अब पूरे देश की निगाहें बाबा राम देव जी पर टिकी हुई है, जो पूर्ण रूप से जन लोकपाल बिल की मांगो को लेकर १ जून से जन आन्दोलन शुरू करने का ऐलान कर चुके है|
    बाबा जी माँ भारती को भ्रष्टाचार के दानव से मुक्त कराने के लिए, संत-समाज को साथ लेकर आगे बढ़ो, देश की आम जनता दिलों जान से आपके साथ है| अब धर्म-अधर्म के युद्ध में कोरवो का अंत निश्चित है|

    जय हिंद
    वंद मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम,दिल्ली

  8. भगवान् अपना अपमान सहन कर सकते है पर अपने भक्तो का नहीं

    जय भारत माँ,
    जब शांति भूषण जी ने जब बाबा राम देव जी को अपनी टीम में यह कह कर क़ि वहां पर योग कराने वालो क़ि आव्यशकता नहीं है, यह शब्द हम लोगो को कितना अखरा|
    भ्रष्टाचार के खिलाफ जन आन्दोलन बाबा राम देव जी क़ि ही देन है जो सारे देश में हर आम जनता क़ि जुबान पर है| यह ठीक है राम लीला मैदान में आयोजित सभा में जन लोकपाल बिल के पांचो सदस्य मोजूद थे देश के हर कोने से इस सभा में लोग बाबा राम देव जी के समर्थन में इकट्टे हुए थे|
    जंतर मंतर पर इन लोगो ने कामयाबी का सहेरा अपने सर बंधवाने के लिए बाबा राम देव जी को इसलिए अपने से अलग किया क़ि सारी वाह-वाही कही बाबा राम देव जी क़ि टीम को न मिल जाये|
    आज ये सभी लोग आरोपों के घेरे में घिरते जा रहे है, क्योंकि इन्होने एक साधू-संस्यासी का अपमान किया है|

    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम, दिल्ली

  9. आम जनता को घोटाले और भ्रष्टाचार के वृक्ष की जड़ का पता लग गया है (हाई कमान के ब्यान)

    यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने समाज सेवी अन्ना हजारे के पत्र के जवाब में लिखा है कि वह कीचड़ उछालने वाली राजनीति का समर्थन नहीं करतीं।
    सोनिया ने हजारे को लिखे पत्र में कहा है, ‘आपको सार्वजनिक जीवन में शुचिता की लड़ाई के लिए मेरी प्रतिबद्धता पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए। मैं लोकपाल संस्था का मजबूती से समर्थन करती हूं, जो हमारे संसदीय लोकतंत्र की परंपराओं के संगत है। सोनिया ने कहा कि भ्रष्टाचार और रिश्वत के खिलाफ लड़ाई की तत्काल जरूरत है।’

    जय भारत माँ हमारे विचार
    सारे नेता एक तरफ और सोनिया गाँधी एक तरफ, सबकी हाई कमान है वो, उसकी बात पर विश्वास करना मतलब साप को दूध पिलाना, देश को बर्बाद कर दिया है इसने, मनमोहन के कंधे पर तोप रख रखी है और बाकी नेताओ के कंधे पर बंदूक, और खुद सबको ऑपरेट करती है, ज़ुबान उनकी शब्द इसके, और यह सबको पता है, फिर भी अन्ना ने इसको चिट्ठी लिखी क्यो, पर दोस्तो मुझको यह सब आपको बताने कि ज़रूरत नही है क्योकि आप सब जानते है, पर क्या अगले चुनाव मॅ हमे क्या करना है ये हम जानते है, शायद इसका जवाब भी जल्दी मिल जायेगा , क्योकि पिक्चर अभी बाकी है|
    सोनिया गाँधी को यह समझना चाहिए कि ये सब बातें सिर्फ़ चिठ्ठी में लिख देने से कुछ नही होगा बल्कि इसे कांग्रेस के आचरण और व्यवहार में लाने कि अत्यधिक आवश्यकता है.. ६३ से अधिक वर्षों का विलम्ब हो चुका है .
    जब किसी राज्य में कांग्रेसी नेता का फेर बदल करना होता है तो कहा जाता है की ये सब हाई कमान के हाथ में है| यह देश हमारी सरकार द्वारा काफी विकास कर रहा है लेकिन उच्च पद पर आसीन नेताओ को इस बात का आभास नहीं होता कोनसा नेता किस पर क्या कीचड़ उछाल रहा है|
    1 जून से बाबा राम देव जी का भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन अपने पूरे जोश के साथ शुरू होने जा रहा है, जिसमे पूरे देश से आम जनता का सलाब उमड़ पड़ेगा| यदि इस आन्दोलन को विफल करने में किसी प्रकार का षडियंत्र रचा गया तो देश भक्त अपनी माँ भारती को भ्रष्टाचार से बचाने के लिए अपने प्राणों की आहूति भी देने को तैयार है| सावधान
    हम सब एक है.

    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम, दिल्ली

  10. आम जनता को घोटाले और भ्रष्टाचार के वृक्ष की जड़ का पता लग गया है (हाई कमान के ब्यान)

    यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने समाज सेवी अन्ना हजारे के पत्र के जवाब में लिखा है कि वह कीचड़ उछालने वाली राजनीति का समर्थन नहीं करतीं।
    सोनिया ने हजारे को लिखे पत्र में कहा है, ‘आपको सार्वजनिक जीवन में शुचिता की लड़ाई के लिए मेरी प्रतिबद्धता पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए। मैं लोकपाल संस्था का मजबूती से समर्थन करती हूं, जो हमारे संसदीय लोकतंत्र की परंपराओं के संगत है। सोनिया ने कहा कि भ्रष्टाचार और रिश्वत के खिलाफ लड़ाई की तत्काल जरूरत है।’

    जय भारत माँ हमारे विचार
    सारे नेता एक तरफ और सोनिया गाँधी एक तरफ, सबकी हाई कमान है वो, उसकी बात पर विश्वास करना मतलब साप को दूध पिलाना, देश को बर्बाद कर दिया है इसने, मनमोहन के कंधे पर तोप रख रखी है और बाकी नेताओ के कंधे पर बंदूक, और खुद सबको ऑपरेट करती है, ज़ुबान उनकी शब्द इसके, और यह सबको पता है, फिर भी अन्ना ने इसको चिट्ठी लिखी क्यो, पर दोस्तो मुझको यह सब आपको बताने कि ज़रूरत नही है क्योकि आप सब जानते है, पर क्या अगले चुनाव मॅ हमे क्या करना है ये हम जानते है, शायद इसका जवाब भी जल्दी मिल जायेगा , क्योकि पिक्चर अभी बाकी है|
    सोनिया गाँधी को यह समझना चाहिए कि ये सब बातें सिर्फ़ चिठ्ठी में लिख देने से कुछ नही होगा बल्कि इसे कांग्रेस के आचरण और व्यवहार में लाने कि अत्यधिक आवश्यकता है.. ६३ से अधिक वर्षों का विलम्ब हो चुका है .
    जब किसी राज्य में कांग्रेसी नेता का फेर बदल करना होता है तो कहा जाता है की ये सब हाई कमान के हाथ में है| यह देश हमारी सरकार द्वारा काफी विकास कर रहा है लेकिन उच्च पद पर आसीन नेताओ को इस बात का आभास नहीं होता कोनसा नेता किस पर क्या कीचड़ उछाल रहा है|
    एक जून से बाबा राम देव जी का भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन अपने पूरे जोश के साथ शुरू होने जा रहा है, जिसमे पूरे देश से आम जनता का सलाब उमड़ पड़ेगा| यदि इस आन्दोलन को विफल करने में किसी प्रकार का षडियंत्र रचा गया तो देश भक्त अपनी माँ भारती को भ्रष्टाचार से बचाने के लिए अपने प्राणों की आहूति भी देने को तैयार है| सावधान
    हम सब एक है.

    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम, दिल्ली

  11. जन लोकपाल बिल के असल मुद्दे से भटकाने का षड़यंत्र रचा जा रहा है

    जय भारत माँ
    आये दिन नए-नए आरोप भूषण परिवार पर लगाये जा रहे है| यदि वास्तव में ये नेता जन लोकपाल बिल को लागू करना चाहते है तो हाई कमान तथा प्रधान मंत्री की तरफ से जनता के बीच आ कर यह घोषणा करनी चाहिए की कोई भी नेता किसी भी पार्टी का एक दुसरे पर किसी भी प्रकार का इस प्रकार के आरोप नहीं लगाएगा| जन लोकपाल बिल लाया ही इसलिए जा रहा है की दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कारवाही होगी| उन्हें सजा अवश्य मिलेगी, समय सीमा निर्धारित रहेगी
    जनता को विश्वास में लेना चाहिए |मीडिया तथा समाचार पत्रों के द्वारा इस प्रकार की कोई हरकत नहीं होनी चाहिए| जो इस प्रकार की हरकत करेगा उसे सबसे पहले भ्रष्ट और घोटाले बाज मान लिया जायेगा, उसपे कारवाही शुरू हो जायेगी|
    यदि शान्ति भूषण जी अपने ब्यान में यह कह देते की बाबा राम देव जी इस आन्दोलन में मुख्या भूमिका निभा रहे है, यह आन्दोलन उन्ही की देन है हम सभी मिलकर आपस में सलाह करके ही काम करेंगे| हम सब एक है|
    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम,

  12. जन लोकपाल बिल की आहट से ही ये सभी भ्रष्ट और घोटाले बाज नेता एक दुसरे पर कीचड़ उछालने लगे है

    जय भारत माँ
    चाहे वह दिग्विजय हो या फिर सिब्बल .आज इन सबकी हालत ऐसी है.( तूफ़ान में जब कभी दिया बुझने से पहले फड़फड़ाता है ठीक उसी तरह इस सरकार के नेताओं की हालत है.
    अन्ना हज़ारे सरकार की घटिया राजनीति का शिकार हो चुके हैं… कॉंग्रेस ने एक सोची समझी रणनीति के तहत� मीडिया के द्वारा अन्ना हज़ारे को हीरो के रूप में प्रचारित करवाया और स्वामी रामदेव और अन्ना हज़ारे के बीच झूठे मतभेद प्रचारित करवका स्वामी जी और अन्ना हज़ारे के समर्थकों में फुट डलवाकर एक बार फिर अँग्रेज़ों वाली चाल चली, अब बेचारे अन्ना हज़ारे मजबूर है… क्या करें…
    हमारे देश मे भ्रस्टचार सीमा से अधिक है,इसका अंदाज़ा हज़ारे जी को भी नही था. कुछ नया सोचना होगा|
    कॉंग्रेस में बेफ्कूफो क़ी भर्ती कर रखी हॅ. अकल तो भ्रष्टाचार करने मे लगा दी हॅ|
    जिस तरह से प. बंगाल की सीपीएम सरकार प्रतिद्वंदियों से गैरकानूनी तरीके से निपटने के लिए गुंडों की फ़ौज रखती है, उसी तरह यह तो कांग्रेस की धूर्तता है कि वह अपने प्रतिद्वंदियों पर बेहद घटिया व गैरजिम्मेदाराना तरीके से हमले (बयानवाजी) करने के लिए दिग्विजय जैसों को रखा हुआ है| यदि हमला कामयाब रहा तो प्रतिद्वंदी ढेर हो गया, किन्तु यदि फेल हुआ तो कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व बड़ी धूर्तता से यह कहकर बच निकलते हैं कि यह तो दिग्विजय के निजी विचार थे जिसका पार्टी व सरकार समर्थन नहीं करती है| मुझे लगता है अन्ना जी ने सोनिया को पत्र लिख बहुत सही कदम उठाया है| अब इसके वावजूद दिग्विजय की वकवास जारी रहती है तो इसका मतलब यह पक्के तौर पर साबित हो जायगा कि सोनिया/मनमोहन दिग्विजय की जुबान का इस्तेमालकर सिविल सोसायटी के सदस्यों पर हमले कर रहे हैं|
    सोनिया गाँधी की बोली ही तो बोल रहा है यह तो सिर्फ़ उसकी आवाज़ है इसलिए सोनिया जी उसे चुप क्यों कराएगी..
    अन्ना जी सोनिया जी को पत्र लिखने से कोई लाभ नही है दिग्विजय जी को हिसाब देते हुए कांग्रेस का हिसाब क्यो नही माँग लेते? यह कही कांग्रेस व अन्ना जी की “नूरा कुश्ती ” न साबित हो जाए ? अन्ना जी कांग्रेस को तगड़ा जवाब क्यो नही देते ?
    अन्ना जी बोलने दीजिए इन सबको…जब सब बोल लेंगे तभी तो पता चलेगा की किसकी किसकी दौलत स्विस बैंक मे है और कोन कितना बड़ा घोटाले बाज है….जो जितना भोके समझ लो उतने ही जुतो का हकदार है……..दिग्विजय और सिब्बल के लिए तो १२१ करोड़ जूते चाहिए…
    दिग्विजय, कपिल सिब्बल , और कितने नाम बोले सब के सब अकल से पैदल हैं और सबसे महान सरद पवार ना शकल अच्छी हैं ना दिल और दिमाग़ तो इतना शातिर की कंप्यूटर को भी फैल कर दे
    ये महासचिव पागल हो गया है ये अपना तो नाश करेगा और कांग्रेस का भी बेड़ा गर्क करके ही रहेगा
    दिग्विजय और सभी भ्रष्ट नेता सुधर जाओ वर्ना मूह की खानी पड़ेगी जब जनता का हाथ मूह पर पड़ेगा तो दीमाक ठिकाने आ जाएगा जो भी नेता बयान बाजी कर रहे है बो सभी भ्रष्ट है और लोक पाल बिल को लाने नही देना चाहते है
    अन्ना जी ये सब सोनिया के ही इसारे पर हो रहा है वर्ना दिग्विजय ओर सिब्बल में इतनी हिम्मत कहाँ|
    अब बाबा राम देव जी देर ना करो, जनता आपको पुकारती है, दुष्टों से रक्षा करने के लिए, इस समय केवल आपका ही एक सहारा है , आम जनता मझधार में है, तूफानों से घिरी हुई है|
    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम, दिल्ली

  13. बार-बार अपने ब्यान बदलकर जनता की भावनाओ के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है

    जय भारत माँ
    कभी इधर कभी उधर ये सिर्फ़ जनता को पागल बना रहे है, या तो यह अन्ना कॉग्रेस के हाथो बिक चुका है, या फिर ये सब कॉंग्रेस की कोई चाल थी, क्योकि पिछले 6 महीनो से बीजेपी और बाबा रामदेव ने कॉंग्रेस का भरषटाचार के मुद्दे पे जीना हराम कर रखा था, यह चाल चलकर इन्होने सबका ध्यान अन्ना कि तरफ लगा कर अन्ना को हीरो बनाकर जनता को बेवकूफ़ तो बनाया ही है, साथ ही साथ भारतीयो की साथ विश्वासघात भी किया है, और हम लोग तो इन लोगो की कट्पुतली माञ रह गये है, जहा जिसको नचाया नाच गया, हो क्या रहा है इस देश मॅ, क्या यही है इस देश का लोकतंत्र जिसके अंदर देश की जनता को लूटने के अलावा उनकी भावनाओ के साथ खिलवाड़ करना है, मुझको समझ नही आ रहा इस स्थिति पे रोऊ या इन लोगो का कत्ल कर दू, कत्ल करने की हिम्म्त तो मुझ मॅ हॅ नही, और रोना मॅ चाहता नही, में कुछ करना चाहता हू इस सिस्टम को बदलने के लिए, पर फिर हर हिन्दुस्तानी की तरह सोचता हू कि मॅ कर ही क्या सकता हू, ना पावर है ना पैसा, बस है तो एक प्लान जो हम सबके पास है|
    किरण बेदी जी तथा बाबा राम देव जी का इस जन लोकपाल बिल में शामिल न करना अब जनता को अखरेगा|
    एक दिन बाबा राम देव जी का आन्दोलन ही रंग लायेगा, क्योंकि सारे संत समाज का आशीर्वाद उनके साथ है|

    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम, दिल्ली

  14. आम जनता का मनोबल तोड़ने की नई साजिश

    जय भारत माँ
    प्रशांत भूषण जी व उनके पिता शशि भूषण जी पर सी डी प्रकरण के माध्यम से आरोपो का सिलसिला चल पड़ा है |लेकिन लोकपाल समिति की बैठक से दो दिन पूर्व इस सी डी का आना किसी साजिश का हिस्सा लगता है | सरकार की नियत सॉफ नही है वो नही चाहती की लोकपाल समिति के जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाया जाय ताकि वो समझोते की मुद्रा मे आ जाय | लेकिन प्रशांत भूषण का दावा की सी डी के साथ छेड़ छाड़ की गई है ऑर इसकी जाँच भी करवा ली गई है तो आप अपनी बात को सिद्ध भी करें ताकि राजनेताओं के कुचक्रों का परदा फ़ाश किया जा सके |जब शांति भूषण वप्रषांत भूषण भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने का प्रयाश कर रहे हैं तो उन पर चारों ऑर से आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है तो आम जनता की क्या हेसियत की इन राजनेताओं के खिलाफ कुछ भी बोल सके |अब समझ आ गया है की भ्रष्टाचार की लड़ाई किसी भी महाभारत से कम नही | सच्चे इंसान का मनोबल तोड़ने का प्रयाश जारी है ऑर जनता को संदेश की राजनेताओं से जो टकराएगा |इसी तरहा आरोपों मे घिर जाएगा |
    भ्रष्टाचार के खिलाफ आने वाले नए आन्दोलन में जनता का मनोबल तोड़ दिया जाये ये भ्रष्ट और घोटाले बाज नेता यही चाह रहे है|

    बाबा राम देव जी भ्रष्टाचार के खिलाफ १ जून से भारत स्वाभिमान आन्दोलन के कार्यकर्ताओ को साथ लेकर काफी सजग रहना होगा| हम इश्वर से प्रार्थना करते है भारत माँ को सच्ची आज़ादी दिलाने में संत समाज तथा भारत की भोली भाली जनता की रक्षा करे|
    धन्यवाद
    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम, दिल्ली


  15. जय भारत माँ
    अन्ना हज़ारे कॉंग्रेस का एजेंट है. बैठक के पहले ही दिन जिस तरह से ड्राफ्ट को हल्का किया गया ( मंत्रियों और जजों को लोकपाल बर्खास्त नही कर सकता) और अब अन्ना का ये कहना की संसद अगर १५ अगस्त तक ना भी पास करे तो कोई बात नही, इस संदेह को गहरा करते हैं. जनता का इतना बड़ा समर्थन मिलने के बाद इस तरह सरकार के तलवे चाटने लगना, लगता है कोई गहरी साजिश है. मुझे ऐसा लगता है की अंत में ये लोकपाल बिल ठीक वैसा ही बनेगा जैसा सरकार चाहती है. जिन प्रावधानों के लिए जनता ने समर्थन दिया था वो सभी धीरे धीरे करके हटा दिए जाएँगे. वाकई वो दिन जनता के लिए बहुत दुखद होगा.

    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम, दिल्ली


  16. जय भारत माँ
    काठ की हंडी बार-बार नहीं चढ़ती, हज़ारे साहब जिस तरीके से आप लोगो ने रामदेव जी को अलग करके उनकी सालों की मेहनत को मात्र चार दिनो में बर्बाद कर दिया, इससे मुझे बहुत धक्का लगा. में हज़ारे या अरविंद केजरीवाल को नहीं जनता था इनको मैने तभी जाना जब ये बाबा जी के साथ एक मंच पर आए. चाहे वो जंतर-मंतर पर बाबा की सभा हो या रामलीला मैदान में सभा. आपको महाराष्ट्र में लोग जानते होगे लेकिन बाबा जी आपको देश से रूबरू कराया और आपने उनको ही ठोकर मार दी. मैने आपका सपोर्ट किया चाहे वो नेट द्वारा हो या केंडल मार्च द्वारा. लेकिन अब समझ में आ रहा हैं ये देश के साथ कितना बड़ा धोका था. में बाबा रामदेव के साथ हूँ और रहूँगा. में लोकपाल बिल के खिलाफ नहीं हूँ लेकिन में वो भी नहीं हूँ की जिधर एक भेड़ चले उसी भेड़ चाल में में भी शामिल हो जाउ|

    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम, दिल्ली

  17. नई दिल्ली ।। जिस दिन अन्ना हजारे ने अपना अनशन तोड़ा, ठीक उसी दिन कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने लिखा कि ‘ सही सोच वाले ज्यादातर भारतीयों की तरह ‘ वह भी करप्शन को लेकर चिंतित हैं और बिना किसी शोर-शराबे के इस समस्या से निपटने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि हीरो बनने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है।
    उनके ऐसा लिखने की वजह उन्हें उसी दिन मिला वह तीखा पत्र था जो सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज वी.आर. कृष्णा अय्यर ने लिखा था। पत्र में जस्टिस अय्यर ने पूछा था, ‘ आखिर हजारे वाली घटना हुई ही क्यों ? सिर्फ इसलिए क्योंकि गड़बड़ियां इतनी सारी हैं और दिल्ली की तरफ से कार्रवाई कुछ नहीं है। ‘
    अपने जवाब में राहुल गांधी ने कहा, ‘ सही सोच रखने वाले ज्यादातर देशवासियों की तरह मैं भी बिल्कुल वैसा ही महसूस करता हूं जैसा आप करते हैं। अपना काफी समय मैं इस सड़े हुए सिस्टम को सुधारने की कोशिशों में, इसे बेहतर बनाने के तरीके सोचने में लगाता हूं। फर्क यह है कि आपकी तरह मैं शिकायतें करके या पत्र लिखकर मुक्त नहीं हो सकता। मैं चीजों को सचमुच बदलने की कोशिशों में जुटा हूं जो समय-समय पर अपनी भावनाएं प्रकट कर देने के मुकाबले ज्यादा कठिन है। ‘
    अय्यर ने राहुल पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा था, ‘ अगर आप लोगों की जरूरतों और उनकी आकांक्षाओं को लेकर संवेदनशील हैं तो आपको सत्ता में बैठे बड़े, भ्रष्ट लोगों पर हमला बोलना चाहिए। आप चुप क्यों हैं ?’
    उन्होंने यह भी कहा, ‘ भारत को समतावादी समाज का रूप देने में मदद करके आप हीरो बन सकते हैं। गांधीजी के सपनों वाला भारत, नेहरूजी की सोच वाला भारत बनाने में मदद करें, परमाणु संपन्न भारत बनाने में नहीं। कृपया महान बनें ताकि लोगों को बेहतर भविष्य मिले। ‘
    राहुल ने जवाब में लिखा, ‘ जहां तक हीरो बनने की बात है तो बदकिस्मती से मेरी उसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं काम करता हूं तो इसलिए कि इस सड़े हुए सिस्टम को सुधारना मुझे जरूरी लगता है। इसलिए नहीं कि उसके सहारे महिमामंडित हो जाऊं। ‘

    neelesh , gwalior का कहना है :
    18 Apr, 2011 10:34 AM
    राहुल जी को सांता बनता जैसे मज़ाक करने की अददात हो गयी है ,क्या करें पूरी कॉंग्रेश इसी बेमरी से परेशन है ,चलो चुनाव होने दो हम आपका इलाज करnull पूरा भारत इस सरकार का इलाजnullकनरे का इन्तेज़ार करnullरहा है
    सहमत(2)असहमत(1)बढ़िया(2)आपत्तिजनक
    Dharamveer, New Delhi का कहना है :
    18 Apr, 2011 10:34 AM
    लोगों का राहुल को गाली देना ओर कितनी गिरी हुई भाषा का पर्योग करना बता रहा है की लोग सचमुच सरकार से तंग आ गये है…लेकिन एक भाई ने भी इस सिस्टम को बदलने के बारे अपनी राय या फिर कोई उपाय नही बताया..लगे बकवास करने..घर बैठ के लिखना बहुत आसान है..देश मे घूम के देशवाशिओं को जानना बहुत मुस्किल..हो सकता है राहुल ये सब कुछ चुपचाप कर रहा हो!!!..ओर कोई पांडे ने तो यहाँ तक लिखा है की इस देश को ऋषि मुनियों के हवाले कर देना चाहिए..कमाल करते हो पांडे जी भला आज के भारत मे कोई एक ऋषि मुनि के बारे मे तो लोगों को ब्ताएँ जो बिल्कुल मुनियों का जीवन जी रह हो?? मे किसी पार्टी का कोई एजेंट नही हूँ ..ना ही किसी की तारीफ़ कर रहा हू….बलकी मे एक आम इंसान हूँ जो इस बीमार सिस्टम का मार हुआ हूँ…दोस्तों उपाय बताओ…समाधान सोचो…राजनेताओं की तरह फ़िजूल बकवास मत करो…
    सहमत(2)असहमत(1)बढ़िया(1)आपत्तिजनक
    Tribhuwan, kolkata का कहना है :
    18 Apr, 2011 10:23 AM
    राहुल जी आपकी पार्टी और आप सब कांग्रेस सड चुके है तो फिर आप कैसे कह सकतहैई किस सादे हुए सिस्टम को सुधारने निकला हू.
    सहमत(2)असहमत(1)बढ़िया(1)आपत्तिजनक
    shudhaker, varanasi का कहना है :
    18 Apr, 2011 09:57 AM
    jis sustem ko shudharne ki baat kar rahe ho wo to tumehar he ghar ki dan hai waise natak aacha kar lete hai congress ke log
    सहमत(1)असहमत(1)बढ़िया(0)आपत्तिजनक
    kalyan, kalayn का कहना है :
    18 Apr, 2011 09:38 AM
    सबसे पहले तो तू तेरे नाना नानी और दादी के गुण गाना बंद कर क्योंकि वे सबसे ज़्यादा सादे हुए थे जिन्होने इस देश की भोली भाली जनता को बेवकूफ़ बनाकर इस देश के व्यवस्था को सड़ा दिया , अरे राहुल तू एक काम कर महात्मा गाँधी की इच्छा के मुताबिक इस कांग्रेस पार्टी को बंद ( भंग ) कर दे और भारत स्वाभिमान पार्टी मे शामिल होकर २ वर्ष तक प्राणायाम और योग कर उससे तेरे विचार पवित्र हो जाएँगे फिर उसके बाद तू सुधारने की बात करना .
    सहमत(2)असहमत(1)बढ़िया(2)आपत्तिजनक
    Vishnu sharma, Delhi का कहना है :
    18 Apr, 2011 08:15 AM
    सही बात है तुमने सिस्टम सुधारने मे समय लगाया तभी तो राजा और कलमाड़ी जैसे नेताओं ने इतना विकास किया कि उनकी 10 पीढ़ी को विकास करने की ज़रूरत ही नही पड़ेगी| Good i like it.I request you just for one thing that do not try to sale the country. I think kyotrochi is still waiting for more big deal from your amma.
    सहमत(5)असहमत(1)बढ़िया(5)आपत्तिजनक
    RAJBIR GIRI, GANNAUR का कहना है :
    18 Apr, 2011 07:56 AM
    राहुल भाई तुम मुंबई�चले�जाओ��वहाँ�अच्छी�एक्टिंग�कर�के�नाम�कमाओ � � � � � � � � � � � � � � � � � � � � � � �� या ������������������ � � � � � ���� कॉंग्रस पार्टी छोङ दो.
    सहमत(1)असहमत(2)बढ़िया(1)आपत्तिजनक
    shuklaom, lucknow का कहना है :
    18 Apr, 2011 06:56 AM
    राहुल गाँधी को काय्यदे से बोलना तो आता नही साला मीडिया को ले कर दलितों के यहा रात गुजारने जाता है अरबो रुपये इसकी मम्मी इसे हीरो बनाने पर खर्च कर रही है अभी बिहार के चुनाव मे साधु यादव और पप्पू यादव के भरोसे किला जीतने चला था वहा जनता ने इतने जूते लगाए कि काफ़ी दिनो तक मुह मे कालिख लगा जनता के बीच से गायब रहा और अब झूठ लेकर फिर हाजिर हो गया आख़िर बेशर्मी कि भी एक हद होती है ये पूरा खानदान भ्रष्‍टाचार की बदौलत चल रहा है एक इसकी मम्मी है जो किसी बात के जबाब मे खामोसी अख्तियार कर लेती है जाने क्या वैध या अवैध रिश्ता है क़ुआत्रोची से उसे भी जाहिर नही करना चाहती इसे पहले अपनी वल्दियत बतानी चाहिए कि इसके नाम मे लगा गाँधी फ़िरोज़ गाँधी के खानदान से लिया है या किसी इटली वेल से लिया है क्योकि इसे फ़िरोज़ गाँधी का नाम लेते तो सुना नही गया इसी ने अपने खास कुत्ते को भूकने के लिए जंजीर से आज़ाद कर दिया है और वा घूम घूम कर भूक रहा है और खुद को ईमानदारी की मिसाल जाहिर करना चाहता है �������� �
    सहमत(5)असहमत(3)बढ़िया(6)आपत्तिजनक
    Ashutosh Pandey, Allahabad,New Delhi का कहना है :
    18 Apr, 2011 01:02 AM
    हिन्दुस्तान का इतिहास गवाह रहा है की इस देश को ऋषियो और मुनियो ने चलाया है, अब बाबा रामदेव से शुरूवात होने जेया रही है. में कहता हू की जो बचे कुचे ऋषि हैं उनको इस देश की सत्ता सॉप देनी चाहिए……………..
    सहमत(6)असहमत(11)बढ़िया(4)आपत्तिजनक
    sri ram bhangi, saharanpur का कहना है :
    18 Apr, 2011 12:35 AM
    ओह हमे पता ही नही था. क्‍या राहुल बाबा बताएँगे की केसे सुधार रहे सड़े सिस्टम को. क्‍या किया है या किया कर रहे है, क्‍या घर मे बेत कर आमूल बटर खा कर सिस्टम सुधार रहे है बाबा राहुल?
    सहमत(11)असहमत(1)बढ़िया(7)आपत्तिजनक
    sujit kr, lucknow का कहना है :
    17 Apr, 2011 11:23 PM
    राहुल गाँधी का नाम अब से अमूल बेबी ही कर दिया जाई
    सहमत(7)असहमत(1)बढ़िया(2)आपत्तिजनक
    Anu, jabalpur का कहना है :
    17 Apr, 2011 10:27 PM
    चलिए राहुल जी ने यह तो माना की अन्ना जी आज के हीरो हैं! :P जो वो कभी नही बन पाएँगे.
    सहमत(8)असहमत(2)बढ़िया(3)आपत्तिजनक
    god , mumbai का कहना है :
    17 Apr, 2011 09:42 PM
    अंनराहुल�जी,�मेरे�देश�के�सिफ�एकमेव �ज वा न � नेता,� [�बाकी�सब�बूढ़े ? ] से कुछ उधार मिली क्या� ? ? शा�य�द� याद� आया उसे बुढ्ढि कहते है जी?? इतने दिन क्या/� क्यो सो त्राहे थे क्या ??
    सहमत(4)असहमत(2)बढ़िया(0)आपत्तिजनक
    sachchi baat, del का कहना है :
    17 Apr, 2011 09:04 PM
    ये पेड़ को गाँधी-नेहरू की नाभि से उगा है, क्या राहुल काट सकता है उसे, कभी नही जब तक हिन्दुस्तान के हज़ार टुकड़े वाली बात पूरी नहीं होतीnullकांग्रेस दुनिया कीnullसबसे बड़ी नाटक कंपनी है, और कॉंग्रेस्सी सबसे बड़े नौटंकी बाज….
    सहमत(12)असहमत(2)बढ़िया(5)आपत्तिजनक
    Rakesh, Delhi का कहना है :
    17 Apr, 2011 08:07 PM
    भाइयो बच के रहना . भ्रष्टाचारी भी अब चिंतित होने लगे हैं.
    सहमत(15)असहमत(1)बढ़िया(3)आपत्तिजनक
    ghotaldeshkaniwasi, usa का कहना है :
    17 Apr, 2011 08:04 PM
    यह सिस्टम नेहरू और गाधीँ से चला आ रहा है ज़रा सम्भल के.
    सहमत(12)असहमत(1)बढ़िया(3)आपत्तिजनक
    leelesh, india का कहना है :
    17 Apr, 2011 07:58 PM
    ये चुप रहे तो ज़यादा अक्चा है क्योकि जब भी बोलता है तो झूट ही बोलता है. सिस्टम बदलने मे लगे हो या देश को डुबोने मे ये तो जनता जानती है मिस्टर राहुल ना आप बेबी है ना बाबा आपकी उमर मे आदमी मेच्यूर बातें करता है आप कब करोगे या नही सुधरोगे?
    सहमत(10)असहमत(2)बढ़िया(3)आपत्तिजनक
    rakesh sain, jallandhar का कहना है :
    17 Apr, 2011 07:47 PM
    अगर लादेन कहे वह अहिंसा के लिए काम कर रहा है तो क्या कोई उनकी बात मान लेगा ? शायद यह संभव हो प्रंतु गाँधी वंशी कहे के वह करप्षन मिटाने का पर्यास कर रहा है तो यह मानना मुश्किल है. जिस कांग्रेस ने देश मे भ्रष्टाचार का बीज़ारोपण किया हो उसका नेता इश्स त्रह की बात करता अच्छा नहीं लगता.
    सहमत(14)असहमत(4)बढ़िया(8)आपत्तिजनक
    Jaswant Singh, Delhi का कहना है :
    17 Apr, 2011 07:34 PM
    क्या अपने ब्यान को सत्यापित करने के लिए राहुल गाँधी को कांग्रेस को सदा के लिए छोड़ नही देना चाहिए? और क्या भारत स्वाभिमान की टोली बाबा अन्ना हज़ारे, बाबा रामदेव वग़ैरह के साथ मिल कर काम नही करना चाहिए? सच्चा देशभक्त कौन होता है जो देशहित के लिए कुछ भी कर गुज़रे जैसे
    सहमत(9)असहमत(4)बढ़िया(3)आपत्तिजनक
    raman asthana, padrauna kushinagar का कहना है :
    17 Apr, 2011 07:25 PM
    राहुल जी से मेरा एक ही सवाल है की क्या कॉंमान वेल्थ ग़मे २ग स्पेट्ृऊम आप को या आप की मा को नज़र नही आया था ये आप को अन्ना हज़ारे के बाद क्यू याद आया तब कहा थे आप और आप की मा सोचिएगा ज़रा एक हिन्दुस्तानी सभी नेता चोर है है आप भी उसी मे है इश्स देश के कुररूपस घिम आने लगी है वोट रिजेक्ट लागू करो ना बहुत दम है तो सबकी औकात का पता लग जाएगा
    सहमत(12)असहमत(2)बढ़िया(4)आपत्तिजनक
    ALI , ALLAH KASAM JUTH NAHI LIKHA HAI का कहना है :
    17 Apr, 2011 06:44 PM
    इस से बच के रहो| खुद भी डूबेगा मुल्क को भी डुबोएगा| दस जगह दस बाते करता है| भरोसा तोड़ता है| या धंधा या कंट्री एक कमिटमेंट ज़रूर होना है| अंडरवर्ल्ड के बिना न इंडस्ट्री चलती है न राजनीति| हम वही से बता रहे है| मस्तान से बाप काम करता था अब हम बिजनेस करता है| मस्तान के साथ दाउद था जिसे कंट्रिने नही अपनाया| मस्तान कंट्री का आदमी था| दाउद देश डुबोएगा ये सब 25 साल पहले बोले थे और सच हुवा| राहुल भी टेढ़ा है जो काम की बात नही है| वो डरता भी है और मुकर भी जाता है | उलटे काम मे सीधा होना ज़रूरी है| राहुल से बचो ये भरोसे के काबिल नही है|

    om prakash, lucknow का कहना है :
    17 Apr, 2011 06:15 PM
    राहुल भैया यदि तुम देश को सुधारना छाते हो तो सबसेपहले परिवारवाद ख़तम करते हुए किसी और पार्टी से चुनाव लारो फिर देश सुधारने की बात करने…
    सहमत(10)असहमत(1)बढ़िया(7)आपत्तिजनक
    Shamshad Ali, Aligarh का कहना है :
    17 Apr, 2011 05:56 PM
    आज़ादी के बाद से सबसे ज़्यादा राज़ इन बॉस डी वालो के खानदानीओ ने चलाया हैं आज देश मे जितना भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता फेली हैं इन चादर्मोडो की वजह से ही फेली हुई हैं, इन सालो की गूवरमेंट तो सिंगल मेजॉरिटी से आती थी तब ये हराम के बच्चे कुछ ना कर पाए तो अब क्या अपनी मम्मी के पेटिकोट से झंडा बना के लाल किले पे फेहराएगा. नभाटा वालो इसको बिना काटे छापना, असली संप्रदायिक पार्टी इनकी ही हैं, इन्होने मुसलमानो को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया हैं, और हिंदू मुसलमान के बीच नफ़रत के बीज बोए हैं, १९८४ की काली करतूत भी इसी पार्टी ने कराई थी, राहुल गान दी और प्रियंका गान दी अपने आप को इस देश का राजकुमार और राजकुमारी समझते हैं , और हम देश वासिओ को घुलाम, साला जब मेजॉरिटी मे थे तब कुछ नही उखाड़ पाए अब क्या अपने बहन की सलवार से क्रांति करेगा, जे हिंद. हिंदू भी मेरे इस कॉमेंट को पद लो और समझ लो की जितना तुम्हे फ़िक़र हैं देश की उतनी ही फ़िक़र ए एम यू मे पड़ने वाले इस मुस्लिम को भी हैं. नो कांग्रेस अगेन
    सहमत(12)असहमत(3)बढ़िया(11)आपत्तिजनक
    cheema, usa का कहना है :
    17 Apr, 2011 05:40 PM
    हीरो तो राहुल है ही है हीरो बनके कूस काइया नही आज तक अब हज़ारे के कार्न राहुल को भी दर लगने ल्गा है इस लए कूस करे ब्गेयर काम न्ही चलेगा जो इटॅलीया माफिया ने भार्त मे लूट मचाई है उसे रोकना होगा यह राहुल के बस मे न्हीं जे तो हज़ारे जैसे लोग ही कर सकतें है
    सहमत(6)असहमत(2)बढ़िया(4)आपत्तिजनक
    Manoj Pal, Mayur Vihar New Delhi का कहना है :
    17 Apr, 2011 05:33 PM
    सहमत(0)असहमत(0)बढ़िया(0)आपत्तिजनक
    Pawan, Delhi का कहना है :
    17 Apr, 2011 05:27 PM
    खाली� बातें करने से सिस्टम सुधर जाता तो फिर बात क्या थी… संविधान में संशोधन करने की बात करो तो नेता गुंडागर्दी पर उतार आते हैं… अनुपम खेर का उदाहरण देखिए… और जनाब ज़रा बताएँगे की आपने लोकसभा के कार्यकाल के दौरान आपने संसद में कितने प्रश्न उठाए हैं…? एक वेबसाइट से मुझे पता चला है की वर्ष 2004-2009 के दौरान इन्होने 5 वर्षों में केवल 3 प्रश्न उठाए थे और और 2009- से अबतक जनाब ने संसद में एक भी प्रश्न नही उठाया है… केवल जनता को मूर्ख बनाने में लगे हुए हैं… 8 वर्षों में केवल 3 प्रश्न उठाकर सड़े हुए सिस्टम को ठीक कर रहे हैं अच्छा है लगे रहिए इस गति से 100-200 वर्षों में शायद सिस्टम ठीक हो जाए….!!!
    सहमत(9)असहमत(2)बढ़िया(8)आपत्तिजनक
    Indi , Indian का कहना है :
    17 Apr, 2011 05:14 PM
    राहुल का हिंदू या मुसलमान होना मुझे प्रॉब्लम नही है पर ये इंसान बिनसांप्रदायी भारत के लोगो के लिए ख़तरा है | उसका ये प्रचार है ये नभाटा भी जानता है क्यू की नभाटा खुद ये कह रहा है की भ्रष्टाचार जाए ऐसा रोग नही है| दलित के घर खाना खाना जु ठ का बबंडर था जिस की सिर्फ़ प्रचार वेल्यु थी वैसा ही ये खबर है | जमात मे सब राहुल को इस्तीहार का मोडेल मानते है और धोनी सचिन के कोला पेप्सी की तरह राहुल का हर बात को लोग कोला पेप्सी ही मानते है |
    सहमत(4)असहमत(1)बढ़िया(3)आपत्तिजनक
    vijay, kuwait का कहना है :
    17 Apr, 2011 05:09 PM
    tum jaise log kewal election ke time per vote lene ke lie bolte hai
    सहमत(2)असहमत(2)बढ़िया(2)आपत्तिजनक
    samit, noida का कहना है :
    17 Apr, 2011 05:03 PM
    सुधार कैसे रहे हो, तुम्हारी मम्मी के राज़ में इतने घोटाले हो रहे है, और तुम सिर्फ़ देश की बुराई अमेरिका वालो के सामने करने के साइवा क्या करते हो
    सहमत(9)असहमत(2)बढ़िया(6)आपत्तिजनक
    Gajendra , Bihar का कहना है :
    17 Apr, 2011 05:00 PM
    रेत का महल, असली गटर, कागज का बाघ | भूखे लोग, फिर भी सफाई! उसकी न्यूज़| बहाना कमाल, सफाई बताते राहुल बता दिया जो मुस्लिम बाप का, इंडिया को गद्दार है | (झंडावंदन, लाल चोक, हज़ारे के समय किस गटर मे छिपा था, कीड़े राहुल ये बता ?
    सहमत(9)असहमत(2)बढ़िया(5)आपत्तिजनक
    Aajij Log, All india का कहना है :
    17 Apr, 2011 04:57 PM
    _ _ के हमारे जले पे नमक छिडकते हो….हार
    सहमत(8)असहमत(2)बढ़िया(5)आपत्तिजनक
    amitabh Chandra, Bangalore का कहना है :
    17 Apr, 2011 04:50 PM
    नरेश, बॅंगलुर आपने १०० % सही कहा. ये सब बस नाटक है, जनता के बीच अपना इमेज बनाने का. शासक और हीरो मै अंतर होता है. राहुल को पहले अपनी समझ बढ़ानी चाहिए, कई बार वो बचकाना वक्तव्य देते है. आज कांग्रेस के शासन मै कई घोटाले हो गये. राहुल कर क्या रहे है,कांग्रेस के सचिव होकर. सच तो ये है, की सिस्टम को बदले से पहले अपने को बदलना होगा आपको और फिर कुछ क़ानून मै फेर बदल करनी होगी. भारत के क़ानून की प्रकिया मे बहुत बदलाहट की ज़रूरत है. ठोस क़ानून रहने पर पूरा सिस्टम अपने आप बदल जाएगा. लचर क़ानून की वजह से ही ये सब हो रहा है. हीरो बनाने का काम तो आप शाहिद कपूर पर छोड़ दो, आप केवल एक शासक बनो.
    सहमत(6)असहमत(1)बढ़िया(3)आपत्तिजनक
    Sanjay, delhi का कहना है :
    17 Apr, 2011 04:45 PM
    चलो, राहुल जी आपने सिस्टम को सड़ा हुआ कह कर इतना तो स्वीकार कर लिया कि आप के पूर्वजों ने भारत देश के सिस्टम को सड़ा दिया अब आपको यदि थोड़ी सी भी शर्म है तो ऐसी बातें न कीजियेगा नहीं तो आज का युवा आप के पिछवाड़े चार बेंत खीच के लगायेगा |
    सहमत(13)असहमत(1)बढ़िया(7)आपत्तिजनक
    anil , kuwait का कहना है :
    17 Apr, 2011 04:29 PM
    गाँधी परिवार की आदत हे की आम जनता से जुड़े मामले मे हमेस मोनी बाबा बन जाते हे उनके च्मचे लोग ही मीडिया मे आते हे बार बार देखा गया हे की ये लोग सिर्फ़ एलेक्षन के समय ही अपने बिल से निकलते हे ये यह दिखता हे की यह परिवार के कारण ५० – ६० वरसो मे पूरी वायवस्था शॅड गयई हे सचचाई तो ये हे यदि ये परिवार ने पूरे देश का कबाधा किया हे इस परिवार का भोला भला चेहरा दिखाकर �पूरी ववष्ता मे स्वार्थी , चोर , लूटेरे, लोग लोकतंतरा के चारॉ कारपालिका , जूडिस्री , मीडिया , संसद , विधांशभा मे आ गये हे
    सहमत(9)असहमत(1)बढ़िया(4)आपत्तिजनक
    veenit, raipur का कहना है :
    17 Apr, 2011 04:28 PM
    एक तो राहुल ऐसे ही तुमने और तुम्हारे परिवार ने देश को पूरी तरह से खोखला कर दिया है ,�अब क्या और सिस्टम को चेंज करके, देश को समुंदर मे डालने वेल हो, तुम लोग होते कौन हो, देश के बारे मे ये सब तय करने वाले,भारत का हर नागरिक इस बारे मे सोचता है, तुम कोई यहाँ के राजा या राजकुमार नही हो बल्कि तुम्हारी उम्र का या तुमसे बड़ा आदमी इस देश पर तुमसे पहले हक रखता है, चलो निकलो मेरे देश से बड़ा आए देश का सोचने वाले भारत का हर नागरिक तुमसे ज़्यादा सोचता है देश के बारे मे.
    सहमत(9)असहमत(1)बढ़िया(6)आपत्तिजनक
    Vivek Saini, New Delhi का कहना है :
    17 Apr, 2011 04:06 PM
    आप कभी.. कुछ नही.. कर सकते.. क्यूकी.. यह सिस्टम ही.. दिया.. हुआ.. आप लोगो.. का ही.. है… और.. आप.. नौजवानो को.. भ्रमित नही.. कर सकते…
    सहमत(4)असहमत(1)बढ़िया(2)आपत्तिजनक
    Naresh, Bangalore का कहना है :
    17 Apr, 2011 04:06 PM
    किसको बेवकूफ़ बना रहे हो राहुल? ये सड़ा हुआ सिस्टम आपके ही खानदान की देन है . आख़िरकार भारत अँग्रेज़ों , मुगलों की गुलामी से निकल कर नेहरू राजवंश की ही तो गुलामी कर रहा है पिछले ७० सालों से.
    सहमत(12)असहमत(1)बढ़िया(7)आपत्तिजनक
    manoj, New Delhi का कहना है :
    17 Apr, 2011 04:05 PM
    सड़ी हुई पार्टी के सड़े हुए नेता अपने ही द्वारा सड़ा ए गये सिस्टम को सुधरने मे लगे है…केरॅप्षन के खिलाफ हुए सारे युवा वर्ग & देश की जनता जब अन्ना जी के आंदोलन का साथ दे रही थी तो ये लोग सड़े हुए अंगूर की बनी बोतल को लेकर आराम से बैठे सड़े हुए सिस्टम के बारे मे सोच रहे थे कि अब कौन से रास्ते से भरस्टचार फैलाया जा सकता है………ये सबसे ज्यदा एलिजिबल बेचलर है …इन्हे अब शादी करके अपना भर बसा लेना चाहिए……बाकी कम जनता कर लेगी…
    सहमत(5)असहमत(1)बढ़िया(3)आपत्तिजनक
    P.S.Panwar, Raj. का कहना है :
    17 Apr, 2011 04:04 PM
    सिस्टम को सड़ाया किसने है ? पहले ये बताओ ?
    सहमत(4)असहमत(0)बढ़िया(4)आपत्तिजनक
    Pradip Gupta, Ballia (U.P.) का कहना है :
    17 Apr, 2011 04:03 PM
    नाम के आगे गाँधी ल्गा लिया गाँधी का मतलब जानते हो !!! देश के लिए सचे दील से कुछ करना है तो कुवारे रह कर राजनीति करो , कर शकते हो ऐसा बलिदान तो देश की सेवा करने की बात करना , नही तो देश की सेवा के नाम पर देश को लूटते हो तुम सब देश को .
    सहमत(5)असहमत(2)बढ़िया(5)आपत्तिजनक
    manish, vadodara का कहना है :
    17 Apr, 2011 03:55 PM
    राहुल पहले तो आपं देश को सड़ा दीजिए और फिर उशे सुधारने का नाटक कीजिए. कांग्रेस आज ६३ से देश गुमर्राह कर रही है.� कांग्रेस भ्रास्तचार�की�जननी�है .�पूरे�देश�को�भस्तचार,�अशिक्षा,�ग़रीबी�के�दलदल�मे�डाल�दिया�है .�कांग्रेस�चापलूसो�की�पार्टी�है.� पहले आप लोग खुद को सुधरो. देश के सबसे लुटेरे तो आपकी पार्टी मे है.
    सहमत(4)असहमत(2)बढ़िया(4)आपत्तिजनक
    BHARAT WASHI, BHARAT DESH का कहना है :
    17 Apr, 2011 03:54 PM
    राहुल गाँधी जीशको सदा सिस्टम कह रहे हो जिहस्के कृपा से स्वामी जी के बयान के अनुसार सोनिया गाँधी जो आपकी माता है और देश विधाता बन गयी �उनपेर 2 – जी घोटाला में कमाई का आरोप लगाया उहस्को मिटाने के लिए अपने अपनी माता और भारत भाग्य विधाता सोनिया गाँधी जी से अनुमति ली या आपके चाप्लुष दिग्विजय सिंह और सिब्बल के साथ मनीष तिवारी से इशके लिए सलाह ली अगर ली तब आप कई जानम नेहरू परिबर में लील कभी ख़तम नही कर सकते क्योकि आप �राजनीति नेता विरस्त के कारण बने इहसल्ईए नेताओ की कथनी और �करनी में फ़र्क होता है दोनो समान नही होते जीश तरह से कोई जनता की भलाई की बात हो तब यह उहस्को कहता है और करते उल्टा है उहसी तरह जँया को लूटना या कुछ करना तब उहस्के खिलाफ �आपके बयान की तरह देते है वबबाल्कि उष्का उल्टा करते है आपको क्या ज़रूरत देश की चिंता करने की जब सब कुछ उपेरवाले ने दिया मौज करो खूब कमाओ सिर्फ़ आप ड्रामा करके जनता को धोखा नही दे वावीसे अब तक जीतने नेता है उन्होने धोखा दिया खारकेर आज की सरकार ने �दिया
    सहमत(3)असहमत(0)बढ़िया(3)आपत्तिजनक
    BHARAT WASHI, BHARAT DESH का कहना है :
    17 Apr, 2011 03:45 PM
    राहुल गाँधी सिर्फ़ फिल्मी आक्टिंग कर सकते है जो नेता को विरासत में मिली होती है जबकि यह सात जानम ताल ब्रष्टाचार को ख़तम नही कर सकते जिहस्का नीव इनके परिबर ने डाली . ६३ साल में कई आए और चले गये उबन्ोने सिर्फ़ जनता को धोखा देने के सीबे कुछ नही किूया जिहस तरह से यह कह रहे है अगर इनकी आँखे अंनाजी के नसन से खुली औट चिंता होने लगी क़ीहस तरह से ब्रहस्तचार को ख़तम किया जाए तब क्यो नही आपके परिबर के चाप्लुशो की जो लोक पल बिल का विरोध करते हुए कोई ना कोई नटाल करते है उनको क्यो नही रोका जीश तरह से आपका चाप्लुष दिग विजय सिंह कर रहा है क्या आपके परिबर के कारण बोफोर्स घोटाला नही हुआ और जो अब २ जी के साथ इश्रो घोटाला हुआ उसमे आपके परिबर और सरकार का योगदान है है क्या इनको आप हिंदू आतंगवाई या आडवनजी ने किया �उहस्को मानते है अगर आपको चिंता थी तब क्यो नही राजनीति किसीमा को ख़तम करते हुए अंनाजी केसाथ क्यो नही खड़े हुए जहतक सादे की बात है तब यह सदा काम सादे नेताओ ने किया जो आज भी है. इतना बोलो जितना सही हो
    सहमत(3)असहमत(0)बढ़िया(3)आपत्तिजनक
    amulya, vns का कहना है :
    17 Apr, 2011 03:30 PM
    प्यारे चापलूस मीडिया के प्यारे राजकुमार १०लाख बेकसूर लोगो को देश के बटवारे मे मरवाने वाले का उधारी का टाइटल लेने वाले रोड शो करके जनता को बेवकूफ़ बनाने वाले तुम एक बात एमांदारी से बताना की तुमने कब से हिन्दुस्तान की नागरिकता ली है कब से इटली का पासपोर्ट छोड़े हो और इटली का पासपोर्ट पर तुम्हरा नाम क्या है प्लीज़ बताएएगा ज़रूर .
    सहमत(13)असहमत(2)बढ़िया(9)आपत्तिजनक
    shachindra jha, ranchi का कहना है :
    17 Apr, 2011 03:23 PM
    जनता को उल्लू बनाना बंद कीजिए आमूल बाबा न तो बिहार मे मूह काला तो हो ही गया ओर आने वाले समय मे गाँधी परिवार का नाम लेने वाला नही मिलेगा. अगर आप अन्ना हज़ारे के साथ आ के काम करना सुरू करेंगे तो ही आप ईमानदार होंगे,बक बक करने से नही. अगर आप सही होते तो जंतर मंतर पे अन्ना जी पास जा के 48 घंटे में लोकपाल बिल पास करवा लेते तो ये देश आपको सही मायने मे श्री राजीव जी का बेटा मान लेता ओर फिर आप सही मे देस के राजा बन ते. लेकिन आप भी भरूऊआगिरी के रास्ते जा रहें हैं ये जनता देख रही है.
    सहमत(3)असहमत(0)बढ़िया(2)आपत्तिजनक
    Pooran Singh, Ghaziabad का कहना है :
    17 Apr, 2011 03:11 PM
    This is a open secret that Manmohan Singh Government is a puppet and the government is being run from 10 Janpath. Under such situation almost no action or action under compulsion from Supereme court or opposition makes one feel that perhaps there is silent approval of the people running the govt.
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  18. हमें अपना राजा गूंगा, बहरा, अँधा नहीं चाहिए

    जय भारत माँ
    जिस देश का प्रधान मंत्री का जमीर मर गया हो औरकेवल तमाशा देखने वाला मूक दर्शक बना रहे और अपना कोई निर्णय ना ले सके उसको अपना पद छोड़ देना चाहिए ! हमे ऐसे रिमोट से चलने वाले प्रधान मंत्री का बहिष्कार करना चाहिए जो कि केवल खिलौना मात्र हो जब चाहा खेला और बाद में अलमारी में संभाल कर रख दिया! हमे स्व. लाल बहादुर शास्त्री जैसे प्रधान मंत्री चहिए!
    जब लाखो टन अनाज गोदामों के बाहर पड़ा हुआ सड़ रहा था उस समय सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि इस अनाज को गरीबो में बाट दिया जाये लेकिन इन भ्रष्ट और घोटाले बाज नेताओ ने सुप्रीम कोर्ट की एक नहीं सुनी|
    इस गरीब जनता का दर्द इन नेताओ को सूनाइ नहीं देता, गरीब जनता भूक से अपने प्राण देती रहती है इन्हें दिखाइ नहीं देता, आम जनता की आवाज़ सुनने के बाद भी बोला नहीं जाता|

    ये भ्रष्ट नेता संविधान तथा कानून की दूहाइ देते नहीं थकते

    बाबा राम देव जी गाँव-गाँव घूम-घूम कर आम जनता के दर्द को समझ रहे है जो जनता के दर्द को समझते है वे ही दूर कर सकते है|

    अब जागने का वक्त आ गया है|

    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम, दिल्ली

  19. भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन


    जय भारत माँ
    अगले कुछ महीनों में बहुत सारा कीचड़ उछाला जाएगा। सिविल सोसायटी के जो लोग इसमें शामिल हुए हैं, उनके बारे में मनगढ़ंत बातें कही जाएंगी। यह बहुत जरूरी है कि मूल उद्देश्य, एक मजबूत ऐंटि-करप्शन बिल, के लिए कोशिश कमजोर न पड़ने पाए। इसके लिए जरूरी है कि कुछ लोगों के अहं और बड़ी महत्वाकांक्षाओं पर काबू रखा जाए। इतने लोगों की भागीदारी और जनआंदोलन को ऐसे ही नहीं गंवाया जा सकता।

    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    शिवम् भारती
    पालम, दिल्ली


  20. जय भारत

    यह बात सही है की भ्रष्टाचार किसी क़ानून से ख़त्म नहीं होगा. सच तो यही नहीं ऐसा कोई समय न तो दुनिया में आया/ न ही आएगा कि जब भ्रष्टाचार न रहे. जब आम आदमी को क़ानून का, प्रशासन का, शासक का भय होता है कि वह अपराध करके बच नहीं सकेगा तो, सभी अपराध कम हो जाते हैं, या यूँ कहिए कि नगण्य हो जाते हैं. आर्थिक अपराध कम करने में आम आदमी की भी अहम भूमिका होती है, अगर आम आदमी जागरूक होता है तो भी भ्रष्टाचार नियन्त्रित हो जाता है. भारत में शासन, प्रशासन निकम्मा है, जुडीशियरी प्रभावहीन है, पुलिस अँग्रेजिया है, आम आदमी नैतिक पतित है, तब भ्रष्टाचार खत्म होने या कम होने की गुंजाइश कम है. आज़ाद भारत को काश सही नेतृत्व मिल गया होता तो `यथा राजा, तथा प्रजा’ से प्रजा को भी उसी रूप ढ़लना पड़ता. इसके दस्तावेज हैं कि आज़ाद भारत की सत्ता धूर्त, बदमाश तथा मुफ़्तखोरों के हाथ आ गयी थी/ है. इसी के चलते आम आदमी अँग्रेज़ी राज से भी ज़्यादा नैतिक पतित हो गया.

    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    शिवम् भारती
    पालम, दिल्ली

  21. भ्रष्टाचार किसी कानून से खत्म नहीं होगा

    जय भारत माँ,
    स्वामी राम देव जी, आचार्य बालकृष्ण जी तथा भारत स्वाभिमान आन्दोलन के सभी कार्यकर्ताओ को हमारा कोटि कोटि नमन| भाई राजीव दिक्सित जी आज हमारे बीच शारिरीक रूप से हमारे बीच नहीं है फिर भी उनके प्रेरणादायक अनमोल वचन हम सभी का मार्ग दर्शन कर रहे है| लाखो क्रांतिकारियों ने अपना बलिदान देकर भारत माँ को अंग्रेजी हुकूमत से आज़ाद कराया| लेकिन दुर्भाग्य से इन काले अंग्रेजो ने ६३ सालो में देश की भोली भली जनता को किस प्रकार लूटा है यह किसी से छुपा नहीं| आज बाबा राम देव जी के मार्गदर्शन में हम सभी को सच्ची आज़ादी के लिए फिर से संघर्ष करना है ताकि अपनी भारत माँ को इस भ्रष्टाचार के खुनी पंजे से आज़ाद करा सके|
    जहाँ लोगों के दिमाग़ मे शैतान घुसा हो, वहाँ कोई क़ानून काम नहीं करता, यहाँ ज़रूरत है एक डिक्टेटर की जो सेना की मदद से सबको सीधा करे, फिर चाहे वो जनता हो या अफ़सर, नेता हों या नौकरशाह
    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम, दिल्ली

  22. बाबा पहला लोकपाल बने तब ही सारे देश मे सुधार मुमकिन है

    जय भारत माँ
    यह एक विडंबना ही कहा जाएगा कि हमारी जनतांत्रिक व्यवस्था में निर्धनों के लिए एकमात्र सहारा अदालतें बनी हुई हैं। सरकार ने तो जैसे मान रखा है कि बेघर- बेसहारा नागरिकों के प्रति उसकी कोई जवाबदेही नहीं है। वे मरें, चाहे जीएं, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। सरकारी बाबुओं की खाल इतनी मोटी हो चुकी है कि उन्हें हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी गरीबों के रैन-बसेरों को उजाड़ देने और उनके लिए आवंटित राशि को डकार लेने में भी शर्म नहीं आती। जब कोर्ट का डंडा बरसता है तो आनन-फानन में रैन-बसेरे बनते हैं सिर्फ दिखाने के लिए। इस बात की जांच नहीं होती कि वहां बुनियादी सुविधाएं भी ढंग से उपलब्ध कराई गई हैं या नहीं? यह कोई एक-दो जगह की बात नहीं है। पिछले कई सालों से उत्तर भारत के अनेक राज्यों में यही कहानी दोहराई जा रही है। जब कड़ाके की ठंड पड़ने लगती है तो हाई कोर्ट सरकार को यह याद दिलाती है कि वह गरीबों के लिए कदम उठाए। दबाव में सरकारें सक्रिय होती हैं। राजधानी में तो लगता है कि सरकारी एजेंसियां संवेदनहीनता का रेकॉर्ड

    मेरी राय ये है की बाबा रामदेव को स्वतंत्र भारत का पहला लोकपाल बनने का अधिकार है | उनके अलावा कोई भारी इंसान लोकपाल बनने के काबिल नही दिखता है | बाबा रामदेव को मेरा बतोर लोकपाल पूरा समर्थन है |

    भ्रष्टाचार को मुद्‍दा बनाने वाले बाबा रामदेव को साइड लाइन करना भ्रष्टाचारियों को मदद करने जैसा है. अन्ना हज़ारे ने सही दिशा मे कदम उठाया है, लेकिन कही हम लोकपाल के नाम पे आंदोलन करने के चक्कर मे बाबा रामदेव के द्वारा काले धन के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन से भटक ना जाए. अन्ना हज़ारे को मज़बूत कर बाबा रामदेव को कमजोर करने मे कांग्रेस की चाल हो सकती है. हमे सावधान रहना होगा.

    किरण बेदी को टीम मे लाओ, उनका बाहर रहना सिविल सोसाइटी को कमजोर कर रहा है.

    अन्ना हज़ारे को या तो बेवकूफ़ बनाया गया या फिर उन्हे सरकार के तरफ से प्रलोभन देकर फंसाया गया है. मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए ये सब नाटक था

    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम, दिल्ली


  23. जय भारत माँ
    हम सभी स्वामी राम देव जी, आचार्य बालकृष्ण जी तथा भारत स्वाभिमान आन्दोलन के
    कार्यकर्ताओ को कोटि कोटि नमन करते है|
    अन्ना हज़ारे जी को गाँधी बनाने मे जो भूमिका मीडिया ने निभाई वो कबीले तारीफ है लेकिन कभी कभी सोच कर असचर्या भी होता है की श्री राजीव दीक्षित जी के स्वर्गवास की खबर ना एलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने नहीं प्रिंट मीडिया ने पब्लिश करने का कॅसट किया जबकि राजीव दीक्षित जी ने सवादेशी के प्रसार के लिए अपनी सारी जिंदगी कुर्बान कर दी| कांग्रेस के राज में २४ घंटे अन्ना हज़ारे की मीडिया कवरिंग ये क्या विदेशी हाथो का खिलोना मीडिया बिना कांग्रेस के इशारे के कर सकती थी ? लेकिन भारत की जनता बेचारी सोचने लगी अब अन्ना जी देश की तकदीर बदल कर रख देंगे | लोग भूल गये २जी , कोमोननवेल्थ ,आदर्श और रातों रात देश की तकदीर बदलने के सपने देखने लगे | ये भी भूल गए की मसौदा अगर बन भी गया तो संसद में पास कैसे होगा | बेचारी भोली जानता कांग्रेस के बिच्छाए जाल मे सबकुच्छ भूल गई | ��दोस्तों हमेशा याद रखना राजनीति का बिकल्प कभी भी क़ानून नहीं होता , राजनीति का विकल्प हमेश राजनीति हीं हो सकता है | और वो विकल्प भाजपा या कांग्रेस नहीं
    आज भारत की आम जनता बाबा राम देव जी के आन्दोलन में एक जुट दीखाई दे रही है|

    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    शिवम् भारती
    पालम, दिल्ली

  24. भ्रष्ट सरकार की आम जनता को बेवकूफ बनाने की चाल

    जय भारत माँ
    हम सभी स्वामी राम देव जी, आचार्य बालकृष्ण जी तथा भारत स्वाभिमान आन्दोलन के कार्यकर्ताओ को कोटि कोटि नमन करते है|
    गांधीवादी समाज सेवी अन्ना हजारे के द्वारा भ्रष्टाचार के मामले में किए गए अनशन को देशव्यापी समर्थन मिलने पर कांग्रेस की राजमाता श्रीमति सोनिया गांधी बेहद ही प्रसन्न नजर आ रही हैं। कांग्रेस के प्रबंधकों ने एक तीर से कई निशाने साध लिए हैं। भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी कांग्रेसनीत केंद्र सरकार इस बात पर राहत महसूस कर रही है कि घपले, घोटालों, भ्रष्टाचार पर जनता का आक्रोश निकालने में वह आखिर सफल हो गई है।राजनीति के पंडितों का कहना है कि इस मुहिम के दरम्यान ही कांग्रेस के प्रबंधकों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ शंखनाद करने वाले बाबा रामदेव के तेवरों को भी ढीला कर दिया है। भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ होने वाली देश की जनता अब बाबा रामदेव के बजाए अन्ना हजारे को अपना पायोनियर (अगुआ) मान रही है। उधर कांग्रेस के रणनीतिकार अब अन्ना हजारे को शीशे में उतारने का प्रयास कर रहे हैं।1975 में लोकनायक जयप्रकाश के द्वारा चलाए गए आंदोलन के उपरांत भ्रष्टाचार का मामला लगभग तीन दशकों के लिए स्थगित हो गया था।
    आज भारत की आम जनता बाबा राम देव जी के आन्दोलन में एक जुट दीखाई दे रही है|

    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम, दिल्ली

  25. ये भ्रष्ट और घोटाले बाज नेता आम जनता की भावनाओ के साथ खिलवाड़ कर रहे है

    जय भारत

    सच्चाई —-जन लोकपाल बिल के बहाने भ्रष्टाचार के खिलाफ देश को एकजुट करने वाले बाबा रामदेव के खिलाफ षड्यंत्र ? –फूट डालो राज करो की अंग्रेजो की निति पर काम करते हुए कांग्रेस ने फिर एक बार बाबा रामदेव के अभियान को रोकने के लिए अपनी घिनोनी चाल चली है और इस बार मोहरा अन्ना हज़ारे है ! जिस बाबा रामदेव ने पिछले कई महीनो से देश के विभिन्न हिस्सों में भारत स्वाभिमान यात्रा के जरिये भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जंग छेड़ रखी है जिसमे जुटने वाले जनसैलाब से घबरा कर कांग्रेस ने अन्ना हज़ारे के जरिये जनता का ध्यान बाबा रामदेव की तरफ हटाने के लिए कुटनीतिक चाल खेलते हुए जनता के हाथ में जन लोकपाल बिल का झुनझुना थमा दिया है ! और आज कांग्रेस की वो चाल जनता के सामने आ गयी है जिस समिति के गठन को लेकर संघर्ष एक दिन ज्यादा चला उसमे अब शांति भूषण (पूर्व कानून मंत्री ) और उनका बेटा प्रशांत भूषण शामिल किये गए है जो कांग्रेस के परिवारवाद की निति से प्रेरित है !
    सभी देश भक्त बाबा राम देव जी के आन्दोलन के साथ तन, मन, धन से साथ है|

    जय हिंद
    वन्दे मातरम
    महाबीर प्रसाद गोयल
    पालम, दिल्ली

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